Saturday, February 20, 2016

मेरे अपने - 2

बाँभन

बाँभन को मत छेड़िए, वचन शुरू हो जाएँ |
गारी-गुप्ता फिर कहीं, अंगन में लग जाय ||
अंगन में लग जाय, कि अगलो जन्मऊ बिगरे |
बिना बात गलियन, कुक्कुर पैरन कूँ पकरे ||

आम Vs ख़ास

 एक होती थी "आम" आदमी पार्टी -
अमरुद ठीक हूँ, अनार ठीक हूँ,
लीची, बेल, अंजीर ठीक हूँ,
आडू, शहतूत, अंगूर ठीक हूँ
नरियल, केला और बेर ठीक हूँ,
सेब, संतरा, खज्जूर ठीक हूँ
जामुन, चीकू, कचनार ठीक हूँ
आम नहीं, आलूबुक्खार ठीक हूँ :)
P.S. : हे भगवान ! मुझे आम मत बनाना मैं खास ही ठीक हूँ :)

सुना है आम अंधे होते हैं !....हें ?

 
 Vs


बुढ़ापे में होली





सफ़ेद बालों को रंग लीजिये, जनाब होली में |

त्वचा की झुर्रियां ढक लीजिये, जनाब होली में |

कि हिलते हाथ सेे रंगिये, किसी के गाल होली में |

दांतों से नहीं, लीजिये, लबों से काम होली में |



1 comment:

  1. i need to know moolank of planets as per vedic shastra not from western astrology. example Sun-7, Moon-3 etc and source of this pramanik and logic. if you can help.

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